रांची, जागरण संवाददाता। राजधानी की सड़कों पर शाम में निकलना अपने लिए मुसीबत खड़ी करना है। सड़कों पर वाहनों की भारी भीड़ और हर ओर से चिल्लाते लोग आपको शहर की बेबसी और लाचारी की याद दिलाएंगे। नागरिक ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ाते हैं और व्यवस्था घुटने टेकती नजर आती है।

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